Best Dil Shayari in Hindi | 100+ दिल शायरी इन हिंदी

Best Dil Shayari in Hindi
Best Dil Shayari in Hindi

Best Dil Shayari in Hindi दोस्तों, जब हम दिल से किसी को चाहते हैं, तो वो व्यक्तिगत रिश्तों का अहम हिस्सा बन जाते हैं। उनके बिना जीना अधूरा सा लगता है और उनके साथ हर खुशी दुगना हो जाती है। दोस्ती एक खास बंधन है जो जीवन को रंगीन बनाता है और उसमें खुशियों का साथ देता है। यहाँ पर हम आपके लिए बेहतरीन Dil Shayari in Hindi लेकर आये है जो आपके दिल को छू जायेंगे|

Best Dil Shayari in Hindi

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता है,
कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है !

दिल पर हम बेवजह इल्ज़ाम लगाते हैं,
धोखा तो अक्सर धड़कन दिया करती हैं !

अजीब सी थी वो,
मेरा दिल बदल कर खुद बदल गई !

उसके सिवा किसी और को,
चाहना मेरे बस में नहीं है,
ये दिल उसका है,
अपना होता तो और बात होती !

चाहे जितना तलाश लो मेरे दिल को,
अपने सिवा किसी को कभी नहीं पाओगे !

ना जाने कौन सी दौलत है कुछ लोगों के लफ्जों में,
बात करते हैं तो दिल ही खरीद लेते हैं !

आखों से उनकी तस्वीर हटती ही नहीं,
दिल से उनकी यादें मिटती भी नहीं,
भूलाए तो भूलाए भी कैसे उन्हें,
उनके बिना धडकने चलती भी तो नहीं !

दिल के जज़्बात कहाँ तक लिखे कोई,
हर जज़्बात के लिये लफ्ज कहाँ !

आज दिल कर रहा था,
बच्चों की तरह रूठ ही जाऊँ,
पर फिर सोचा,
उम्र का तकाजा है मनायेगा कौन !

दिल की बातें हर किसी के,
समझ में नहीं आती सिर्फ उन्हें है आती,
दिल में जिनके मोहब्बत घर कर जाती !

तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे आया,
बात तो जरा सी थी, पर दिल ने बुरा मान लिया !

दिल पागल है रोज नई नादानी करता है,
आग में आग मिलाता है फिर पानी करता है !

इतना दिल से ना लगाया करो, मेरी बातो को,
कोई बात दिल में रह गई, तो हमे भुला नहीं पाओगे !

हाथ की नब्ज काट बैठा हूँ
शायद तुम दिल से निकल जाओ खून के जरिये !

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इस से ज्यादा तुम्हे और,
कितना करीब लाऊँ मैं,
तुम्हे दिल में रख कर भी,
दिल मेरा नहीं भरता !

तेरा ख्याल तेरी तलब और तेरी आरजू
एक भीड़ सी लगी है मेरे दिल के शहर में !

कितने अजीब है जमाने के लोग,
खिलौना छोड़ कर दिलों से खेलते हैं !

मानता ही नहीं कमबख्त दिल उसे चाहने से,
मैं हाथ जोड़ता हूँ तो ये गले पड़ जाता है !

तेरा नाम था आज अजनबी की जुबान पर,
बात जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया !

एक अजीब सा मंजर नजर आता है,
हर एक आँसू समंदर नजर आता है,
कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना,
हर एक हाथ में पत्थर नजर आता है !

आज फिर मौसम नम हुआ,
मेरी आँखों की तरह,
शायद बादलों का भी दिल,
किसी ने तोड़ा होगा !

इश्क हारा है तो दिल थाम के क्यों बैठे हो,
तुम तो हर बात पर कहते थे कोई बात नहीं !

दिल के जख्मो पर मत रो मेरे यार,
वक्त हर जख्म का मरहम होता है,
दिल से जो सच्चा प्यार करे,
उसका तो खुदा भी दिवाना होता है !

मोहब्बत चेहरे से नहीं, दिल से होना चाहिए
खूबसूरत चेहरे में हमेशा, घमंड होता है !

सामने बैठे रहो दिल को,
करार आएगा जितना देखेंगे,
तुम्हे उतना ही प्यार आएगा !

नहीं है मुझे आदत कहीं बहुत देर तक रुकने की,
तुमसे नजरे क्या मिली ये दिल कही और ठहरता नही !

किसी के दिल में क्या छुपा है,
ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर बे-नकाब होता,
तो सोचो कितना फसाद होता !

शायरी लिखना कौन जाने,
शायरी तो खुद बा खुद बन जाती है,
जब दिल भर जाता है तो,
कलम खुद बा खुद चल जाती है !

तुझे रखना अपने ख्यालों में ये मेरी आदत है,
कोई कहता इश्क है कोई कहता इबादत है !

किसी के पाँव से काँटा निकाल कर देखो,
तुम्हारे दिल की चुभन जरूर कम होगी !

इस दिल की सरहद को पार न करना,
नाज़ुक है मेरा दिल इस पर वार न करना,
खुद से बढ़कर भरोसा किया है तुम पर,
इस भरोसे को तुम बेकार न करना !

दिल टूटा है सम्भलने में कुछ वक्त तो लगेगा,
हर जीज इश्क तो नहीं कि एक पल में हो जाये !

जाने क्यों हमें आंसू बहाना है आता,
जाने क्यों हालेदिल बताना नहीं आता,
क्यों साथी बिछड़ जाते है हमसे,
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता !

मानता ही नहीं कमबख्त दिल उसे चाहने से,
मैं हाथ जोड़ता हूँ तो ये गले पड़ जाता है।

न हम रहे दिल लगाने के काबिल,
न दिल रहा ग़म उठाने के काबिल,
लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर,
न छोड़ा उसने मुस्कुराने के काबिल।

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से,
मोहब्बत तो दिल से होती है,
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी,
कदर जिनकी दिल में होती है।

कौन कहता है कि दिल,
सिर्फ सीने में होता है,
तुझको लिखू तो मेरी,
उंगलियाँ भी धड़कती है।

दिल लेके मुफ्त कहते हैं
कुछ काम का नहीं,
उल्टी शिकायतें हुईं
अहसान तो गया।

ना जाने कौन सी दौलत हैं
कुछ लोगों के लफ़्जों में,
बात करते हैं तो दिल ही खरीद लेते हैं।

चलो दिल की अदला-बदली कर लें,
तड़प क्या होती है समझ जाओगे।

फिर नही बसते वो दिल
जो एक बार उजड़ जाते हैं,
कब्रे जितनी भी सजा लो
पर जिन्दा कोई नही होता।

रौशनी में कुछ कमी रह
गई हो तो बता देना
ऐ सनम दिल आज भी
हाजिर है जलने को।

इश्तेहार दे दो कि ये दिल खाली है,
वो जो आया था किरायेदार निकला।

दिल में अब यूँ तेरे भूले हुये ग़म आते हैं,
जैसे बिछड़े हुये काबे में सनम आते हैं।

धड़कते दिल की आवाज तुम हो,
सब से ज्यादा कुछ खास तुम हो,
हर पल एहसास होता है इतना,
जेसे मेरे दिल के पास तुम हो।

शब्दों से ही लोगों के दिलों पे राज
किया जाता है,
चेहरे का क्या, वो तो किसी भी
हादसे मे बदल सकता है।

ले गया छीन के कौन
आज तेरा सब्र-ओ-करार,
बेक़रारी तुझे ऐ
दिल कभी ऐसी तो न थी।

इश्क़ हारा है
तो दिल थाम के क्यों बैठे हो,
तुम तो हर बात पर
कहते थे कोई बात नहीं।

मुहब्बत नहीं है
नाम सिर्फ पा लेने का,
बिछड़ के भी अक्सर
दिल धड़कते हैं साथ-साथ।

मानिंद-ए-शमां यूँ
तो जले हैं तमाम उम्र,
लेकिन हमारे दिल के
अँधेरे न कम हुए।

न पूछ दिल की हकीक़त मगर ये कहता है,
वो भी बेक़रार रहे जिसने बेक़रार किया।

तू भी खामख्वाह बढ़ रही है ऐ धूप,
इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं रहे।

इस दिल की सरहद को पार न करना,
नाज़ुक है मेरा दिल इस पर वार न करना,
खुद से बढ़कर भरोसा किया है तुम पर,
इस भरोसे को तुम बेकार न करना।

मेरे दिल की धड़कनो को,
तूने दिल बर धड़कना सीखा दिया,
जब से मिली है मोहब्बत तेरी मेरे दिल को,
गम में भी हंसना सीखा दिया।

इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,
बड़ी मुश्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है,
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है।

अपने आँचल से बाँध लूं दिल को,
कहीं तेरे ख्यालों के साथ उड़ न जाये,
थाम लूँ हाथ इसका कसकर,
कहीं तेरी यादों में राह से मुड़ न जाये।

काश की खुदा ने दिल
शीशे के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथों
में जख्म तो आए होते।

इक छोटी सी ही तो हसरत है
इस दिल ए नादान की,
कोई चाह ले इस कदर
कि खुद पर गुमान हो जाए।

तुम कभी भी मोहब्बत,
आज़माकर देखना मेरी,
हम जिंदगी से हार जायेंगे,
मोहब्बत से नहीं।

दिल में हर बात आज भी वही है
ज़ाहिर है तुझ पे मेरा हक़ नहीं है
देखते देखते यु मंज़र बदल गया
तू मेरा होकर भी मेरा नहीं है।

अब जिसके जी में आये वही पाये रौशनी,
हमने तो दिल जला कर सरेआम रख दिया।

बहुत देता है तू उसकी
गवाहियाँ और सफाईयां,
समझ नहीं आता तू मेरा दिल है
या उसका बकील।

राज़-ए-हक़ीकत जानने
वाले देखिये क्या कहते हैं,
दिल को मेरा दिल नहीं
उनकी तमन्ना कहते हैं।

मैंने हक दिया है
तुझको मेरे साथ दिल्लगी का,
मेरे दिल से खेल जब
तक तेरा दिल बहल न जाये।

कभी पत्थर कहा गया
तो कभी शीशा कहा गया,
दिल जैसी एक चीज़
को क्या-क्या कहा गया।

किसी के दिल में क्या छुपा है
ये बस खुदा ही जानता है,
दिल अगर बेनकाब होता
तो सोचो कितना फसाद होता।

ग़म-ए-दिल अब किसी
के बस का नहीं,
क्या दवा क्या दुआ
करे कोई तेरे लिए।

किसी का क्या जो क़दमों पर जबीं-ए-बंदगी रख दी,
हमारी चीज थी हमने जहाँ जानी वहाँ रख दी,
जो दिल माँगा तो वो बोले ठहरो याद करने दो,
जरा सी चीज़ थी हमने न जाने कहाँ रख दी।

अभी कमसिन हो रहने दो
कहीं खो दोगे दिल मेरा,
तुम्हारे लिए ही रखा है
ले लेना जवान हो कर।

समझाउंगी इसे प्यार से,
बहलाउंगी अलग-अलग अंदाज़ से,
अपन गले से लगाकर रखूंगी इसे,
कहीं तेरे दिल से फिर न जुड़ जाये।

हम ने सीने से लगाया
दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा
दिल तुम्हारा हो गया।

मेरे लबों का तबस्सुम तो सबने देख लिया,
जो दिल पे बीत रही है वो कोई क्या जाने।

ऐसा नहीं था कि,
दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी,
बस इतना समझ लो की,
हाथो में तेरे नाम की लकीर नहीं थी।

इतना दिल से ना लगाया करो,
मेरी बातो को,
कोई बात दिल में रह गई,
तो हमे भुला नहीं पाओगे .

यूँ तसल्ली दे रहे हैं हम दिल-ए-बीमार को,
जिस तरह थामे कोई गिरती हुई दीवार को।

उसके सिवा किसी और को,
चाहना मेरे बस में नहीं है,
ये दिल उसका है,
अपना होता तो और बात होती।

लाखों में इंतेखाब के काबिल बना दिया,
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया,
पहले कहाँ ये नाज थे यह इशवा-ओ-अदा,
दिल को दुआएं दो तुम्हे कातिल बना दिया।

इजहार-ए-इश्क करूं या पूछ लूं तबियत उनकी,
ऐ दिल कोई तो बहाना बता उनसे बात करने का।

तेरी खामोशी जला देती है इस दिल की तमन्नाओं को,
बाकी सारी बातें अच्छी है तेरी तस्वीर में।

जिंदगी तेरे बिना अब कटती नहीं है,
तेरी याद मेरे दिल से मिटती नही,
तुम बसे हो मेरी निगाहो में,
आँखो से तेरी सूरत हटती नहीं !

काश उसे चाहने का अरमान न होता,
मैं होश में रहते हुए अनजान न होता,
ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हमको,
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान न होता।

फिर वही दिल की गुज़ारिश,
फिर वही उनका ग़ुरूर,
फिर वही उनकी शरारत,
फिर वही मेरा कुसूर।

आकर तू देख ले दिल
पे लिखा है नाम तेरा,
अगर कहे तो दिल
चीर के दिखाऊ तुझको।

समझा न कोई दिल की बात को,
दर्द दुनियां ने बिन सोचे ही दे दिया,
जो सह गए हर दर्द को हम चुपके से
तो हमको ही पत्थर दिल कह दिया।

जितना जलाया है
तुमने प्यार में मुझको,
दिल तो करता है
कि मैं भी जलाऊं तुझको।

ज़माने भर की रुसवाईयां और बेचैन रातें,
ऐ दिल कुछ तो बता ये माज़रा क्या है?

अजनबी होता तो ऐसा
कर भी लेता शायद ,
मगर तू तो अपना है
कैसे सताऊं तुझको।

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